भारतीय रेल मंत्रालय भारत-रूस शिखर सम्मेलन के दौरान और ज्वाइंट स्टॉक कंपनी ‘रूसी रेलवे’ के साथ 05 अक्टूबर 2018 को सहयोग ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए. सहयोग ज्ञापन में दोनों देशों के मध्य 24 दिसंबर 2015 को हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन के अधीन की गई गतिविधियों को आने बढ़ाने का इरादा व्यक्त किया गया है.

भारतीय पक्ष की ओर से रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष अश्विनी लोहानी और रूसी रेलवे के सीईओ और अध्यक्ष ओलेग बेलोजेरोव ने इस सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए.

सहयोग ज्ञापन में निम्न तथ्य शामिल हैं:

• नागपुर-सिकंदराबाद खंड की गति बढ़ाने की परियोजना का कार्यान्वयन करना.

• स्थानीय स्तर पर मिले-जुले यातायात के प्रबंधन हेतु एकल यातायात नियंत्रण केंद्र की स्थापना.

• कार्गो परिचालन में सर्वोत्तम प्रक्रियाओं को अपनाना.

• बहु मॉडल टर्मिनलों का विकास करना तथा दोनों देशों द्वारा प्रयुक्त की जा रही सर्वोत्तम तकनीकों का आदान-प्रदान करना.

• रूसी रेलवे से संबंधित उच्च शिक्षा प्रतिष्ठानों को शामिल करके भारतीय रेल कर्मचारियों के प्रशिक्षण और शैक्षिक योग्यता में सुधार लाना है.

समझौता ज्ञापन (एमओयू) से संबंधित मुख्य तथ्य:

• परिवहन शिक्षा में सहयोग के विकास के लिए रेल मंत्रालय और रूसी संघ के परिवहन मंत्रालय के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए.

• इस समझौता ज्ञापन का उद्देश्य दोनों देशों के परिवहन शिक्षा के क्षेत्र में संयुक्त परियोजनाओं को लागू करने वाले उच्च शैक्षिक संस्थानों को संगठनात्मक और पद्धतिपरक सहायता प्रदान कराना है.

• इसमें रूसी परिवहन विश्वविद्यालय और राष्ट्रीय रेल परिवहन संस्थान, वडोदरा के बीच संयुक्त रूप से शैक्षणिक परिवहन सेमिनार आयोजित करने, उनके विषयों को तैयार करने, साझेदारों की तलाश में सहायता प्रदान करने, आपसी यात्राओं का आयोजन करने और पद्धतिपरक तथा नियामक दस्तावेजों को तैयार करने का प्रावधान है.

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